उत्तराखंड

कोयले की धरती पर सूरज की ताकत एसईसीएल के सौर प्रकल्प पर नजर

देहरादून के वरिष्ठ पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल बिलासपुर पहुंचकर करेगा निरीक्षण

छह सौ मेगावाट की सौर ऊर्जा योजना की अहम जानकारियों से होगा रूबरू

बिलासपुर। कोयला उत्पादन के लिए देशभर में पहचान रखने वाली दक्षिण पूर्वी कोयला क्षेत्र लिमिटेड अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव कीओर बढ़ रही है। इसी कड़ी में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो, देहरादून की पहल पर उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकारों काप्रतिनिधिमंडल बिलासपुर पहुंचकर एसईसीएल के बिजली प्रकल्प का निरीक्षण करेगा। प्रतिनिधिमंडल को प्रकल्प से जुड़ी तकनीकी व्यवस्था, सौरऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं और खनन क्षेत्र की भूमि के उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से रूबरू कराया जाएगा। एसईसीएल की आने वालेवर्षों में करीब छह सौ मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की योजना है।

खास बात यह है कि जिन खनन क्षेत्रों की पहचान अब तक कोयले के लिए रही है, उन्हीं क्षेत्रों में सूर्य की किरणों से बिजली उत्पादन की नई संभावनाएंतैयार की जा रही हैं। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है।

यानी बिलासपुर में कोयले की काली धरती अब सूरज की सुनहरी किरणों से बिजली पैदा करने की नई कहानी लिखने की तैयारी में है।

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