भारतीय स्टूडेंट्स के लिए अब क्यों मुश्किल होता जा रहा है विदेशों में पढ़ाई का सपना #2 #2
कई साल तक सोच-विचार और तैयारी करने के बाद झारखंड की 29 साल की कंटेंट क्रिएटर प्रगति प्रिया ने आख़िरकार इस साल विदेश जाकर पढ़ाई करने का फ़ैसला किया.
सितंबर से वह रोम की एक यूनिवर्सिटी में ग्लोबल इकोनॉमिक अफे़यर्स की पढ़ाई शुरू करेंगी. उन्हें उम्मीद है कि यह डिग्री यूरोप में उनके लिए बेहतर करियर के नए रास्ते खोलेगी.
प्रगति अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन मन में एक डर भी है. डर इस बात का कि क्या विदेश जाकर पढ़ाई करना सही फ़ैसला है?
पिछले कुछ महीनों में यूरो समेत कई विदेशी मुद्राओं के मुकाबले रुपये की क़ीमत तेज़ी से गिरी है. इसका सीधा असर प्रगति प्रिया और उन जैसे स्टूडेंट्स की जेब पर पड़ा है. उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए जितनी रकम का अनुमान लगाया था और क़र्ज़ लेने का सोचा था, अब वो रकम काफी बढ़ गई है.
