Friday, July 19
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भारत और चीन विश्व की सबसे पुरानी एवं समृद्ध संस्कृति: प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल

चीन का शिक्षा मंत्रालय दून विश्वविद्यालय के  विद्यार्थियों को देगा चीन में अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्ति

देहरादून!  दून विश्वविद्यालय के चीनी भाषा अध्ययन विभाग ने चीनी नव वर्ष एवं प्रमुख त्योहार को सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम के साथ हर्षोल्लास को साथ मनाया। वसंतोत्सव के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें चीनी संस्कृति, भाषा, और परंपराओं को का ज्ञान विद्यार्थियों को दिया गया ताकि उनकी भाषा में समझ और पकड़ मजबूत हो सके। छात्रों ने रंग-बिरंगे परिधानों में सज-धज कर उत्सव में भाग लिया और चीनी संस्कृति के प्रमुख पहलुओं को दिखाया गया। चीनी भाषा अध्ययन विभाग के छात्रों ने वसंतोत्सव के महत्व को समझाने और लोगों के बीच साझा किया। इस दौरान चीनी दूतावास से काउंसलर यांग शिउ हुआ, प्रथम सचिव वांग थोंग, फु शिएन फेंग और तृतीय सचिव सु छन ने कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल और कुलसचिव डॉ एम एस मंदरवाल से एक शिष्टाचार की भेंट की। काउंसलर यांग शिउ हुआ ने  प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल को को इतने कम समय में चीनी भाषा अध्ययन विभाग को स्थापित करने व् सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बधाई दी। काउंसलर ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ संवाद करने पर पता चला कि यहां के विद्यार्थियों की चीनी भाषा पर पकड़ बहुत मजबूत है जैसा की बहुत कम संस्थानों में देखने को मिलता है. उन्होंने दून विश्वविद्यालय परिसर की सुंदरता की प्रशंसा  करते हुए कुलपति  के समक्ष  निवेदन किया कि चीन का शिक्षा मंत्रालय दून विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्याथियों के लिए कई तरह की छात्रवृति व् अन्य शैक्षिक योजनाओ का प्रस्ताव  लाना चाहता है ।  चीनी अतिथियों ने छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम को बहुत सराहा और उनकी चीनी भाषा में बेहतर  कमांड को लेकर विद्यार्थियों की प्रशंसा की। चीनी भाषा अध्ययन विभागाध्यक्ष शैंकी चंद्रा ने चीन और भारत के संबंधों को भविष्य में और प्रगाढ़ करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया किबताया कि इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य चीनी संस्कृति के प्रति समझ को बढ़ाना था और छात्रों को इसे समझने के लिए प्रेरित करना था।  इस मौके पर चीनी विभाग से मधुरेन्द्र झा और पवन एक्का भी मौजूद रहे। साथ ही कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू प्रो एच सी पुरोहित , प्रो चेतना पोखरियाल,  डॉ एस नैथानी , डॉ राजेश भट्ट व् अन्य  विभाग विभाग के संकाय सदस्य भी मौजूद थे। दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति भी वसंत उत्सव को  मानती है और ऐसा ही त्यौहार चीन में भी बनाया जाता है जो की एक  साझी सांस्कृतिक विरासत को इंगित करता है. इस उत्सव के माध्यम से दून विश्वविद्यालय के छात्र चीनी संस्कृति को और नजदीक से जानने का अवसर प्राप्त करते हैं और साथ ही दुनिया के विभिन्न त्योहारों को भी समझते हैं। प्रोफेसर डंगवाल ने चीनी दूतावास से आए काउंसलर का  अभिनंदन किया और उनको चीनी नव वर्ष कार्यक्रम में अतिथि बनने के लिए  धन्यवाद ज्ञापित किया।

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